ना निगल पा रहे, ना उगल पा रहे हितग्राही — PM आवास योजना 2.0 की किस्त अटकी

 ना निगल पा रहे, ना उगल पा रहे हितग्राही — PM आवास योजना 2.0 की किस्त अटकी





दैनिक ताप्ती अमृत

 भैंसदेही।प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के अंतर्गत मकान मालिक का निर्माण कार्य नियम के अनुसार दिशा-निर्देश जारी है। अनेक पात्र हितग्राही समय-सीमा में अपने आवास निर्माण को पूरा करने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।

नवंबर-दिसंबर 2025 में स्वीकृत आवासों के तहत हितग्राहियों ने नियमानुसार कार्य प्रारंभ किया। प्रारंभिक चरण में स्वयं के व्यय से गड्ढा खुदाई कर, निर्माण स्थल के साथ फोटो नगर परिषद में जमा कराए गए। इसके बाद प्लिंथ लेवल तक निर्माण कार्य कर जियो-टैगिंग की प्रक्रिया पूर्ण की गई, जिसके आधार पर प्रथम किस्त का भुगतान भी किया गया।

परिषद के निर्देशानुसार अगली किस्त लेंटर स्तर तक निर्माण एवं जियो-टैगिंग के पश्चात जारी की जानी थी, लेकिन वर्तमान में अनेक हितग्राही जियो-टैगिंग पूर्ण करने के बावजूद पिछले दो माह से दूसरी किस्त का इंतजार कर रहे हैं। इस बीच नगर पालिका/परिषद द्वारा हितग्राहियों को सेंटरिंग कर लेंटर पूर्ण करने के निर्देश दिए जा रहे हैं, ताकि निर्माण कार्य समय-सीमा में पूरा हो सके, लेकिन किस्त न मिलने से वे आर्थिक संकट में फंस गए हैं।

स्थिति यह है कि कई हितग्राही अपने पुराने मकान तोड़ चुके हैं। कोई किराए के मकान में रहने को मजबूर है, तो कोई खुले में टीन शेड बनाकर गुजारा कर रहा है। सभी को इस उम्मीद का सहारा है कि जल्द ही किस्त जारी होगी और वे अपना निर्माण कार्य आगे बढ़ा पाएंगे।

भीषण गर्मी के बीच टीन शेड में रह रहे परिवार इन दिनों बेहद पीड़ादायक स्थिति का सामना कर रहे हैं। इस वर्ष 42 डिग्री तक पहुंच रही तपिश में टीन शेड के नीचे रहना किसी चुनौती से कम नहीं है।

वहीं, जो परिवार पिछले चार-पांच माह से किराए के मकानों में रह रहे हैं, वे आर्थिक तंगी और बढ़ते किराए की मार झेल रहे हैं। एक ओर अधूरा निर्माण कार्य है, तो दूसरी ओर रोजमर्रा के खर्चों का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।

पिछले एक माह से अधिक समय से हितग्राही रोज अपने बैंक खातों की जांच कर रहे हैं, लेकिन किस्त न मिलने से उनमें निराशा बढ़ती जा रही है। आने वाले बारिश के मौसम को लेकर भी चिंता गहराने लगी है। यदि समय रहते राशि जारी नहीं हुई, तो टीन शेड और अस्थायी आश्रय में रह रहे गरीब परिवारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

ऐसे में सभी हितग्राही उम्मीद लगाए बैठे हैं कि जल्द ही उनकी अगली किस्त स्वीकृत होगी। उनकी निगाहें अब सरकारी आदेश पर मुहर लगने पर टिकी हैं, ताकि उन्हें राहत मिल सके और वे अपने अधूरे मकान का निर्माण कार्य समय पर पूर्ण कर सकें।

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