असेंबली ऑफ एम.पी. जर्नलिस्ट्स ब्लॉक इकाई ने राज्यपाल के नाम थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपा
दैनिक ताप्ती अमृत
सारनी।मध्यप्रदेश में पत्रकारों के साथ लगातार हो रही मारपीट, दुर्व्यवहार और अपशब्दों की घटनाओं के खिलाफ शनिवार को पत्रकारों का गुस्सा खुलकर सामने आया। असेंबली ऑफ एम.पी. जर्नलिस्ट्स की ब्लॉक इकाई सारनी के पत्रकारों ने थाना प्रभारी को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपते हुए चेतावनी दी कि यदि पत्रकारों के सम्मान और सुरक्षा पर हो रहे हमलों को तुरंत नहीं रोका गया, तो हालात आंदोलन की ओर बढ़ेंगे।
पत्रकारों ने कहा कि सीहोर में पत्रकारों के साथ की गई बर्बर मारपीट और पुलिस दुर्व्यवहार का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि इन्दौर में एक मानवीय घटना का कवरेज करने गए पत्रकार के साथ मप्र शासन के कैबिनेट मंत्री द्वारा सार्वजनिक रूप से अमर्यादित भाषा का प्रयोग कर अपमान किया गया। यह घटनाएं सत्ता के संरक्षण में पत्रकारिता को डराने-धमकाने की गंभीर कोशिश हैं।
इस दौरान पत्रकार गजेन्द्र सोनू सोनी जिला अध्यक्ष ने बताया कि ज्ञापन में साफ लिखा गया है कि पत्रकार न तो अपराधी हैं और न ही किसी के निजी दुश्मन। वे केवल जनता की आवाज हैं। लेकिन आज वही आवाज सत्ता और सिस्टम की चपेट में आ रही है।
दीपेश दुबे अध्यक्ष ने कहा कि जब सच्चाई दिखाने पर पत्रकारों को गालियां, धमकियां और मारपीट मिलेंगी, तो यह लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक संकेत है।
ज्ञापन में मांग की गई कि इन्दौर और सीहोर की घटनाओं पर तत्काल उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच हो, दोषियों पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए और पत्रकारों की सुरक्षा के लिए स्पष्ट एवं प्रभावी व्यवस्था लागू की जाए। पत्रकारों ने साफ कहा कि अब केवल आश्वासन नहीं, कार्रवाई चाहिए।
ज्ञापन सौंपने वालों में नन्हेलाल चंद्रवंशी, गजेंद्र सोनी, दीपेश दुबे, शंकर साहू, प्रवीर मंडल, कृष्णा साहू, कैलाश पाटिल, राकेश कटोटिया, दीनदयाल गुर्जर, विजय पड़लक, आकाश ठाकुर, नवीन सोनी, कुलदीप साहू, राम सिंह सिकरवार, शिवाजी सुने, नागेंद्र निगम, स्वदेश तिवारी, संतोष कैथवास, अमन रस्तोगी, नामदेव गुजरे, राजेश प्रजापति, राहुल वर्मा, मनोज पंवार, हरिश पटेल, आदित्य पांडे एवं दिनेश यादव शामिल रहे।पत्रकारों ने स्पष्ट किया की यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो प्रदेश-स्तर पर पत्रकार संगठन आंदोलन करने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जवाबदेही शासन-प्रशासन की होगी।
