24 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ कार्यक्रम में उमड़ा जनसैलाब
दैनिक ताप्ती अमृत
बैतूल।प्रभात पट्टन विकासखंड के ग्राम वायगांव में चल रही पावन प्रज्ञा पुराण कथा के अंतिम दिन 24 कुण्डीय यज्ञ में आहुतियां देने हजारों की संख्या में लोग अपने-अपने गांव से भाग लेने पहुंचे।कार्यक्रम के अंतिम दिन की कथा के दौरान गांव के दो युवाओं का सम्मान किया गया जो देश सेवा में आर्मी में चयनित हुए विशाल संतोष बारस्कर और चेतन बाबाराव लोखंडे का समिति द्वारा मंच के माध्यम से अभिनंदन सम्मान किया गया कार्यक्रम में गायत्री मंत्र और विशेष मंत्रोच्चारण द्वारा सभी के स्वास्थ्य लाभ और दीर्घायु जीवन की कामना करते हुए आहुतियां प्रदान की गई।गायत्री परिवार के प्रवक्ता सुभाष कुम्भारे ने बताया कि प्रातः काल यज्ञीय वातावरण मे वैदिक सनातन परंपरा को बढ़ाते हुए षोडश संस्कार के अन्तर्गत 65 यज्ञोपवीत दीक्षा संस्कार, 5 जन्मदिन संस्कार , 6 पुंसवंश संस्कार , 16 विद्यारंभ संस्कार , 11 मुंडन संस्कार वैदिक पद्धति से सम्पन्न कराएं गये।शांतिकुंज हरिद्वार से आये कथावाचक सुरेंद्रनाथ वर्मा, सहायक श्री गोपाल मालवीय ,गायक श्री दीपक बघेल, वादक श्री नरेंद्र कुमार सलाम ने 4 दिनों तक पावन प्रज्ञा पुराण कथा के माध्यम से उपस्थित श्रोताओं को संबोधन और संगीत से आनंद विभोर कर दिया।
कथा में कथावाचक सुरेन्द्रनाथ वर्मा ने कहा कि मनुष्य एक भटका हुआ देवता हैं जो अपने अस्तित्व और विचारों से भटक गया है इसी उद्देश्य को साकार करने हेतु गायत्री परिवार के संस्थापक पुज्य गुरुदेव पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य जी ने एक योजना बनाई जिसे युग निर्माण योजना नाम दिया गया जिसके अंतर्गत मनुष्य में देवत्व का जागरण और धरती पर स्वर्ग सा अवतरण स्थापित किया जा सके।
उक्त कार्यक्रम में विशेष रूप से देव संस्कृति विश्वविद्यालय हरिद्वार से पधारी देवकन्या रितिका चौधरी, कृष्णा गौरसिया, ऋचा वर्मा, सुप्रिया कुमारी, ने गायत्री परिवार और देव संस्कृति विश्वविद्यालय के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह कोई सामान्य स्थान नहीं बल्कि यहां व्यक्ति निर्माण, परिवार निर्माण ,और समाज निर्माण की टकसाल है, प्रयोगशाला है, बगिया है जिसमें हजारों लोग प्रतिदिन प्रतिक्षण प्राप्त करते हैं और अपने जीवन को सुयोजित तरीके से जीने की कला सिखते हैं तत्पश्चात उन्होंने प्रज्ञागीतो की सुन्दर प्रस्तुति दी कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि सहित सम्पूर्ण जिले भर से आए गायत्री परिजनो की विशेष उपस्थिति रही तथा कार्यक्रम सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।
