आमला मैन मार्केट में नाली निर्माण में भारी अनियमितताएं गुणवत्ता पर उठे सवाल
प्रशासन की अनदेखी से मैन मार्केट में घटिया निर्माण कार्य जारी
दैनिक ताप्ती अमृत
जयंत गोहे
आमला। शहर के सबसे व्यस्त और प्रमुख व्यापारिक क्षेत्र मैन मार्केट में इन दिनों चल रहे नाली निर्माण कार्य ने विवाद का रूप ले लिया है। स्थानीय व्यापारियों, रहवासियों और जागरूक नागरिकों ने इस निर्माण कार्य में गंभीर लापरवाही और अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते इस कार्य की जांच नहीं हुई, तो भविष्य में यह नालियां समस्या का कारण बन सकती हैं, समाधान नहीं।
सफाई व्यवस्था पूरी तरह नजरअंदाज
निर्माणाधीन नालियों में सबसे बड़ी खामी यह सामने आई है कि भविष्य में सफाई के लिए कोई उचित स्पेस नहीं छोड़ा जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, नालियों की नियमित सफाई के लिए पर्याप्त चौड़ाई और पहुंच आवश्यक होती है, लेकिन यहां इस बुनियादी आवश्यकता को ही नजरअंदाज किया जा रहा है। इससे आने वाले समय में नालियां जाम होने की स्थिति में उन्हें साफ करना बेहद कठिन हो जाएगा।
घटिया निर्माण सामग्री का आरोप
स्थानीय लोगों ने निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। आरोप है कि सीमेंट और रेत का मिश्रण मानक के अनुरूप नहीं है। रेत में अशुद्धियां और सीमेंट की मात्रा में कमी होने के कारण नालियों की मजबूती पर सीधा असर पड़ रहा है। ऐसे में यह निर्माण कार्य टिकाऊ नहीं माना जा सकता।
तराई में लापरवाही
किसी भी निर्माण कार्य में तराई (क्योरिंग) का विशेष महत्व होता है, जिससे संरचना मजबूत बनती है। लेकिन यहां यह प्रक्रिया या तो समय पर नहीं की जा रही है या फिर पूरी तरह से नजरअंदाज की जा रही है। इससे नालियों में जल्द ही दरारें आने और टूट-फूट की आशंका बढ़ गई है।
ढंकने से पहले सफाई तक नहीं
स्थिति और भी चिंताजनक तब हो जाती है जब यह सामने आता है कि नालियों को ढंकने से पहले उनकी सफाई तक नहीं की गई। कई जगहों पर कचरा और मलबा अंदर ही छोड़ दिया गया है। इससे भविष्य में न केवल जल निकासी बाधित होगी बल्कि दुर्गंध और गंदगी की समस्या भी उत्पन्न होगी।
दुकानों के पानी निकासी की व्यवस्था नहीं
मैन मार्केट जैसे व्यावसायिक क्षेत्र में दुकानों से निकलने वाले पानी के लिए उचित निकासी व्यवस्था बेहद जरूरी होती है। लेकिन निर्माण कार्य में इस महत्वपूर्ण पहलू की भी अनदेखी की गई है। दुकानदारों का कहना है कि यदि पानी निकासी की व्यवस्था नहीं हुई तो बाजार में जलभराव की समस्या पैदा हो सकती है।
ठेकेदार पर मनमानी के आरोप
स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों ने आरोप लगाया है कि ठेकेदार अपनी मनमर्जी से काम कर रहा है। निर्माण कार्य में न तो तकनीकी मानकों का पालन किया जा रहा है और न ही जिम्मेदार विभाग द्वारा कोई प्रभावी निगरानी की जा रही है। इससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।
प्रशासन से जांच और कार्रवाई की मांग
मामले को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इस निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और दोषी ठेकेदार एवं संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही, निर्माण कार्य को मानकों के अनुसार दोबारा करवाने की भी मांग उठ रही है।
