स्वाद से खाएं श्री राम ने माता शबरी के झूठे बेर
विकास सोनी झल्लार। (ताप्ती अमृत)नवयुवक मंडल ग्राम आमला में चल रही रामलीला मंचन के छठवें दिन मंगलवार की रात सीता हरण का पहला दर्शन देखते ही श्रद्धालु भावपूर्ण प्रसन्न हो गए। रावण ने अपनी बहन सूर्पनखा की नाक कट जाने पर क्रोधित होकर सीता हरण की योजना बनाते हैं। मामा मारीच को स्वर्ण मुग हिरण बनाकर सीता के सामने से गुजरते हैं। जिसे देख सीता मोहित हो जाती है तथा श्री राम से मुह छल लाने के लिए कहती है। मुह छाल लाने के लिए वन में से राम जाते हैं। जहां पर मारीच मारे जाते हैं। वह लक्ष्मण लक्ष्मण कह कर पुकारते हैं। यह सुनकर सीता जी लक्ष्मण को प्रभु राम की मदद के लिए भेजते है।
लक्ष्मण कुटिया से जाने से पहले कुटिया के सामने से बान से लक्ष्मण रेखा खिंच देते हैं। जिससे सीता माता सुरक्षित रहे। रावण अपना साधु का वेश में सीता से भिक्षा लेने पहुंच जाते हैं।रावन सीता से लक्ष्मण ने खींची रेखा से बाहर आने को कहते हैं।सीता बाहर आते ही रावण अपनी पुर्व वेश मे आकर हरण कर लेते हैं।राम लखन वन में सीता की खोज करते-करते मातम ऋषि के आश्रम में सबरी से मिलते हैं।जो शबरी कई दिनों से श्री राम के आने का इंतजार कर रही थी। सबरी ने भगवान श्री राम के आने पर स्वागत किया। उन्हे बेर खिलाती है।राम की महिमा देखिए की भक्ति में बन जाने के बाद शबरी के झुठे बेर बड़े स्वाद से राम खाते हैं। श्रीराम से चले जाने के बाद शबरी प्राण त्याग देती है।
आगे वन में पहुंचते हैं।उन्हें हनुमान मिलते हैं। जो श्री राम की मित्रता सुग्रीव से करते हैं। मित्रता होने पर सुग्रीव भाई बाली द्वारा उनके किए गए अत्याचार बताते हैं। कि प्रभु मेरी पत्नी को बाली ने अपने पास रख ली। और मैं उसके सामने नहीं जा सकता क्योंकि भाई बाली को ब्रह्मा का वरदान है। कि जो कोई भी उसके सामने जाएगा उसका बल आधा हो जाएगा।तब श्री राम सुग्रीव को बोल युद्ध करने के लिए कहते हैं। सुग्रीव युद्ध करते से मना कर देता है। और कहता है कि मुझे विश्वास नहीं है कि आप बाली को मार सकेंगे। युद्ध में श्री राम बाली को छुपकर मार देते हैं।
