नशा एक ऐसा जहर है, जो व्यक्ति को भीतर से खोखला कर देता है- संभागायुक्त के.जी.तिवारी
नशा परिवार और समाज ही नहीं, देश को भी करता है प्रभावित- आईजी शुक्ला
वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में स्कूली बच्चों को नशे से दूर रहने का संदेश
“नशे से दूरी है जरूरी” अभियान के अंतर्गत पीएम श्री केवी एयरफोर्स स्टेशन स्कूल में जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
बैतूल।( ताप्ती अमृत)मध्य प्रदेश पुलिस विभाग द्वारा प्रदेशव्यापी स्तर पर चलाए जा रहे “नशे से दूरी है जरूरी” जन जागरूकता अभियान के अंतर्गत बैतूल जिले के आमला स्थित पीएम श्री केवी एयरफोर्स स्टेशन स्कूल में गुरुवार को एक भव्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में नर्मदापुरम संभागायुक्त श्री के. जी. तिवारी, पुलिस महानिरीक्षक श्री मिथलेश कुमार शुक्ला, डीआईजी श्री प्रशांत खरे, कलेक्टर श्री नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी, पुलिस अधीक्षक श्री निश्चल झारिया, एयरफोर्स अधिकारी श्री आर. के. रेड्डी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती कमला जोशी, एसडीएम श्री शैलेन्द्र बडोनिया, एसडीओपी मुलताई श्री एसपी सिंह एवं थाना प्रभारी अमला श्री सत्य प्रकाश सक्सेना सहित पुलिस एवं प्रशासन के अन्य अधिकारी मौजूद रहे। विद्यालय प्राचार्य श्री मदन मोहन कटियार ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। नशे से दूरी, है जरूरी अंतर्गत सभी अधिकारियों ने हस्ताक्षर कर जागरूकता का संदेश दिया। कार्यक्रम में पुलिस महानिरीक्षक श्री मिथलेश कुमार शुक्ल ने सभी को नशा न करने और नशे के प्रति जागरूकता फैलाने की शपथ दिलाई।
--संभागायुक्त श्री तिवारी ने बच्चों को दिए सफलता के सूत्र---
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संभागायुक्त श्री तिवारी ने बच्चों को नशे से दूर रहकर अपने जीवन के लक्ष्यों पर केंद्रित रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कई बार हम अपने जीवन में सही दिशा और अच्छी स्थिति में होने के बावजूद गलत आदतों की ओर आकर्षित हो जाते हैं। नशा ऐसी ही एक बुरी प्रवृत्ति है, जो हमारे स्वास्थ्य, परिवार और समाज को धीरे-धीरे खोखला कर देती है। उन्होंने विद्यार्थियों को सफलता पाने के लिए फोर-पी प्लानिंग, प्रीपरेशन, प्रैक्टिस, परफॉर्मेंस तथा फाइव-डी ड्रीम, डिजायर, डिसिप्लिन, डेडीकेशन और डिटरमिनेशन फार्मूलों को अपनाने की प्रेरणा दी। उन्होंने बच्चों को आने वाली परीक्षाओं के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि युवा पीढ़ी ही देश का भविष्य है और उनका सजग होना समाज के लिए अत्यंत आवश्यक है।
---आईजी श्री शुक्ला ने नशे की रोकथाम के लिए किया प्रेरित---
आईजी श्री मिथलेश कुमार शुक्ला ने कहा कि नशा केवल उस व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि उसके पूरे परिवार, समाज और यहां तक कि देश को भी प्रभावित करता है। उन्होंने बताया कि मप्र पुलिस द्वारा प्रदेशभर में रैली, नुक्कड़ नाटक, स्कूलों में संवाद कार्यक्रम, चित्रकला प्रतियोगिताएं आदि के माध्यम से नशे के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बच्चों के माध्यम से यदि नशे की रोकथाम का संदेश जाता है तो उसका प्रभाव और अधिक व्यापक होता है। बच्चे जब अपने घर या मोहल्ले में किसी को नशा करते हुए रोकते हैं, तो वह व्यक्ति उस पर विशेष ध्यान देता है।
नशे की लत व्यक्ति की आर्थिक स्थिति को करती प्रभावित: डीआईजी---
डीआईजी श्री प्रशांत खरे ने कहा कि मप्र सहित पूरे देश में बड़ी संख्या में युवा नशे की चपेट में आ रहे हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना के निर्देशन में पूरे प्रदेश में युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए मप्र पुलिस द्वारा 15 जुलाई से 30 जुलाई तक "नशे से दूरी है जरूरी" विशेष पखवाड़ा चलाया जा रहा है। यह अभियान जिले में सक्रिय रूप से चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नशे की लत व्यक्ति की आर्थिक स्थिति को तो प्रभावित करती ही है, साथ ही वह समाज पर बोझ बन जाता है। उन्होंने युवाओं को जागरूक रहने, दूसरों को भी प्रेरित करने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का आह्वान किया। विद्यालय प्राचार्य श्री मदन मोहन कटियार ने अपने उद्बोधन में नशे के खिलाफ जनजागरण के लिए पुलिस विभाग बैतूल के प्रयासों की सराहना की और कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम छात्रों के मनोबल को मजबूत करते हैं और उन्हें सही दिशा में प्रेरित करते हैं। कार्यक्रम के दौरान कक्षा 9वीं की छात्राओं पायल तायवाड़े, सुहाना सिंह और कीर्ति ने भी मंच से अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि नशा एक ऐसा धीमा जहर है, जो व्यक्ति को भीतर से खोखला कर देता है। इससे न केवल उसका जीवन बर्बाद होता है, बल्कि पूरा परिवार, समाज और देश प्रभावित होता है। छात्राओं ने कहा कि नशे से दूर रहना ही समाधान नहीं है, बल्कि नशे की गिरफ्त में आए व्यक्तियों का सहारा बनना और उन्हें सही मार्ग दिखाना भी उतना ही आवश्यक है।




