रविन्द्र देशमुख सुसाइड केस में उच्च न्यायालय जबलपुर ने रंजीत सिंह, प्रकाश शिवहरे दीपक शिवहरे को किया आरोप मुक्त

 रविन्द्र देशमुख सुसाइड केस में उच्च  न्यायालय जबलपुर ने रंजीत सिंह, प्रकाश शिवहरे दीपक शिवहरे को किया आरोप मुक्त


जबलपुर/बैतूल। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर में न्यायमूर्ति श्री देवनारायण मिश्रा के समक्ष आपराधिक पुनरीक्षण संख्या 2615/2025 ,2724/2025 आवेदक दीपक शिवहरे, प्रकाश शिवहरे, रंजीत सिंह विरुद्ध मध्य प्रदेश राज्य और अन्य पर उपस्थिति एस.आर. ताम्रकार - वरिष्ठ अधिवक्ता, रजनीश कुमार पांडे, अंकित चोपड़ा, हिमांशु तिवारी, आवेदक के वकील एवं राज्य के सरकारी वकील प्रमोद कुमार पाण्डेय पर सुनवाई की।रंजीत सिंह, प्रकाश शिवहरे, दीपक शिवहरे ने पुनरीक्षण याचिकाएं प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश बैतूल, जिला-बैतूल (म.प्र.) द्वारा एस.टी. क्रमांक 07 में भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 108 सहपठित 3(5) के तहत आवेदकों के खिलाफ दिनांक 09.05.2025 को आरोप तय करने के आदेश से खिलाफ जबलपुर उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई हैं। जिस पर सर्वोच्च न्यायालय द्वारा बताए गए सभी तथ्यों और कानूनों को देखते हुए, भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 3(5) के साथ धारा 108 के तहत आवेदकों पर मामला नहीं बनता है। ट्रायल कोर्ट ने इन आवेदकों के खिलाफ गलत तरीके से आरोप तय किए हैं, इसलिए, आवेदकों अर्थात् रंजीत सिंह, प्रकाश शिवहरे और दीपक शिवहरे को भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 3(5) के साथ धारा 108 के तहत आरोप से मुक्त कर दिया गया है और उन्हें प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, बैतूल (म.प्र.) के समक्ष लंबित एस.टी. क्रमांक 07/2025 में उपरोक्त अपराध से मुक्त कर दिया गया है।गौरतलब है कि बैतूल जिले के हाई प्रोफाइल रविंद्र देशमुख सुसाइड केस में पाथाखेड़ा पुलिस चौकी द्वारा सुसाइड नोट के आधार पर अपराध क्रमांक 444/2024 में 14 लोगो को आरोपी बनाया गया था उक्त प्रकरण में आरोपियो को सुप्रीम कोर्ट तक के चक्कर काटने पड़े। अतः रंजीत सिंह, प्रकाश शिवहरे, दीपक शिवहरे को उक्त मामले में आरोप मुक्त किया गया है।

मेरे ऊपर लगाया गया सभी आरोपो को निराधार मानते हुए माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर ने रविंद्र देशमुख सुसाइड केस सें आरोप मुक्त किया है। मेरे द्वारा पहले दिन से ही उक्त मामले में CBI, CID  जांच की मांग की जा रही थी क्योंकि मेरे उपर लगाए गए आरोप निराधार और बेबुनियाद थे।

रंजीत सिंह

मृतक रविन्द्र देशमुख ने सुसाइड नोट में काल्पनिक बातों का जिक्र कर मिथ्या आरोप लगाए थे जिस को आधार मानकर पुलिस चौकी पाथाखेड़ा में हमारे खिलाफ धार 108, 3(5) का प्रकरण दर्ज किया था जिस पर प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश बैतूल द्वारा हमारे खिलाफ आरोप तय किये थे। जिसके खिलाफ हमारे द्वारा हाई कोर्ट जबलपुर में अपील की। माननीय उच्च न्यायालय ने उक्त मामले से आरोप मुक्त किया है।

प्रकाश शिवहरे

हमारे उपर लगाए गए आरोप निराधार थे। जबलपुर न्यायालय ने सारे आरोपो से दोषमुक्त कर दिया है।

दीपक शिवहरे



साभार ब्रह्मास्त्र

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