जीवन में श्रीमद् भागवत कथा गीता पुराण को अवश्य पढना: महाराज रुपलाल रघुवंशी

 जीवन में श्रीमद् भागवत कथा गीता पुराण को अवश्य पढना: महाराज रुपलाल रघुवंशी 



झल्लार।(विकास सोनी )ग्राम आमला में नव दिवसीय गायत्री महायज्ञ एवं श्रीमद् भागवत कथा के द्वितीय दिवस कथा व्यास पंडित रूपलाल जी रघुवंशी ने राजा परीक्षित के जीवन और मोक्ष की विस्तृत कथा सुनाकर श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया। कथा के दौरान उन्होंने मनुष्य की जीवन पर प्रकाश डालते हुए बंटाया यह कलयुग चल रहा है इसमें श्रीमद् भागवत कथा गीता पुराण का ज्ञान और पढ़ना बहुत जरूरी है। श्रोताओं भगवान की कथा में सौदा नहीं होता। धर्म की महिमा तो हमारे भारत में ही है। हम भगवान की कथा सुन रहे हैं। राजा परीक्षित के जन्म की कथा सुनाते हुए बताया कि किस प्रकार उन्हें सर्प दंश से सात दिवस में मृत्यु का श्राप मिला था। मृत्यु तो एक अटल सत्य है। मृत्यु को हम मोह के कारण डरते हैं।और फिर शौक करते हैं। परमात्मा से प्रेम करना चाहिए। जब हम स्वयं को अपना शरीर मानते हैं। तो स्वयं को आत्मा और परमात्मा का अंश मान लेना चाहिए।जिससे भय समाप्त हो जाते हैं। राजा परीक्षित ने भी मृत्यु के भय को त्याग कर साथ दिवस तक एकांग मन से भागवत कथा सुनकर मोक्ष प्राप्त किया। परीक्षित ने दिखाया साथ जीवन की साधना का महत्व पंडित जी ने राजा परीक्षित द्वारा प्राप्त किए गए मौक्ष को जीवन का सर्वश्रेष्ठ उदाहरण बताया। उन्होंने कहा परीक्षित को यह याद हो गया था कि उनका जीवन केवल 7 दिन का शेष है। इसी  लिए श्रोताओं श्रीमद्भागवत कथा गीता पुराण को जीवन में अवश्य पढ़ना चाहिए

Post a Comment

Previous Post Next Post

Contact Form